समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,20 मार्च। डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूती देते हुए केंद्र सरकार ने BHIM-UPI प्लेटफॉर्म पर कम मूल्य के लेनदेन (P2M) को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वीकृति दी गई।
यह प्रोत्साहन योजना 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक लागू होगी, जिसके तहत 2,000 रुपये तक के UPI (P2M) लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए छोटे व्यापारियों को विशेष लाभ दिए जाएंगे।
| श्रेणी | 2,000 रुपये तक के लेनदेन | 2,000 रुपये से अधिक के लेनदेन |
|---|---|---|
| छोटे व्यापारी | 0.15% प्रोत्साहन / शून्य MDR | शून्य MDR / कोई प्रोत्साहन नहीं |
| बड़े व्यापारी | शून्य MDR / कोई प्रोत्साहन नहीं | शून्य MDR / कोई प्रोत्साहन नहीं |
योजना के तहत छोटे व्यापारियों के लिए प्रत्येक लेनदेन पर 0.15% प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, योजना के तहत स्वीकार किए गए दावों का 80% राशि तुरंत बैंकों को जारी की जाएगी, जबकि शेष 20% भुगतान तकनीकी शर्तों के आधार पर किया जाएगा।
- तेजी से कैश फ्लो और आसान लोन एक्सेस: डिजिटल लेनदेन से छोटे व्यापारियों को अधिक पारदर्शिता मिलेगी और वे आसानी से क्रेडिट एक्सेस कर सकेंगे।
- उपभोक्ताओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डिजिटल भुगतान की सुविधा: इस योजना से आम नागरिक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के BHIM-UPI का उपयोग कर सकेंगे।
- छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रेरणा: चूंकि छोटे व्यापारी लागत को लेकर अधिक संवेदनशील होते हैं, यह प्रोत्साहन उन्हें UPI अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
- कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा: डिजिटल ट्रांजेक्शन को औपचारिक रूप देने और अर्थव्यवस्था को कम नकदी आधारित बनाने में यह योजना सहायक होगी।
- बेहतर बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: 20% प्रोत्साहन भुगतान बैंकिंग प्रणाली की उच्च अपटाइम (99.5%) और कम तकनीकी असफलता (0.75% से कम) पर निर्भर करेगा, जिससे बैंकिंग सेवाएं अधिक कुशल बनेंगी।
- इस योजना का मुख्य उद्देश्य BHIM-UPI को मजबूत करना और वित्त वर्ष 2024-25 में 20,000 करोड़ रुपये के कुल लेनदेन लक्ष्य को प्राप्त करना है।
- यह योजना ग्रामीण और दूरदराज़ के इलाकों में UPI सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद करेगी, खासकर फीचर फोन आधारित UPI 123PAY और ऑफलाइन UPI Lite/LiteX जैसे नवाचारों के माध्यम से।
- डिजिटल भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने के लिए UPI सेवा प्रदाताओं और बैंकिंग सिस्टम को सहयोग दिया जाएगा।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना भारत सरकार की वित्तीय समावेशन रणनीति का अहम हिस्सा रहा है। वर्ष 2020 से सरकार ने RuPay डेबिट कार्ड और BHIM-UPI लेनदेन पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को शून्य कर दिया था, जिससे डिजिटल लेनदेन में वृद्धि देखी गई।
पिछले तीन वित्तीय वर्षों में सरकार द्वारा दी गई प्रोत्साहन राशि:
| वित्तीय वर्ष | कुल सरकारी प्रोत्साहन (करोड़ रुपये) | RuPay डेबिट कार्ड (करोड़ रुपये) | BHIM-UPI (करोड़ रुपये) |
|---|---|---|---|
| 2021-22 | 1,389 | 432 | 957 |
| 2022-23 | 2,210 | 408 | 1,802 |
| 2023-24 | 3,631 | 363 | 3,268 |
इस प्रोत्साहन योजना के तहत सरकार बैंकों को भुगतान करती है, जो इसे अन्य हितधारकों जैसे UPI ऐप प्रदाताओं, भुगतान सेवा प्रदाता बैंकों और व्यापारी बैंकों के बीच वितरित करते हैं।
UPI के बढ़ते प्रभाव और सरकार की डिजिटल भारत पहल के तहत यह नवीनतम प्रोत्साहन योजना छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे भारत की कैशलेस अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और डिजिटल भुगतान इंफ्रास्ट्रक्चर अधिक सुरक्षित और सुलभ बनेगा।
