प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए एक पोस्ट में भारत में हाल ही में संपन्न हुई बेल्जियम आर्थिक मिशन की सराहना की, जिसका नेतृत्व एचआरएच प्रिंसेस एस्ट्रिड ने किया था। इस मिशन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसरों की तलाश करना और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा देना था।
भारत और बेल्जियम के बीच वर्तमान में 15 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है, और बेल्जियम यूरोप में भारत का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार है। दिलचस्प बात यह है कि बेल्जियम स्वतंत्रता के बाद भारत के साथ राजनयिक संबंध स्थापित करने वाले पहले देशों में से एक था और उसने नई दिल्ली में अपने राजनयिक मिशन की शुरुआत की थी।
हाल ही में प्रिंसेस एस्ट्रिड की भारत यात्रा के दौरान, उनकी प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठक हुई, जिसमें उभरते उद्योगों में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इसके अलावा, बेल्जियम प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक आलू प्रसंस्करण संयंत्र का दौरा किया, जहां एग्रीस्तो ने भारत में अपनी गतिविधियों का विस्तार करने के लिए 750 करोड़ रुपये के निवेश की योजना जाहिर की।
इस बातचीत के समय भारत ने बेल्जियम से मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी उठाई, जो वर्तमान में बेल्जियम में रह रहा है। यह पहल भारत और बेल्जियम के बीच कानूनी और राजनयिक स्तर पर लगातार जारी बातचीत को दर्शाती है।
पीएम मोदी और किंग फिलिप की इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि दोनों देश अपने संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के अलावा, यह वार्ता आर्थिक विकास और सतत साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
भारत और बेल्जियम के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की यह पहल न केवल वैश्विक व्यापार परिदृश्य को प्रभावित करेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी को भी एक नया आयाम देगी।