समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,1 अप्रैल। आज, दलाई लामा के भारत आगमन की 66वीं वर्षगांठ के अवसर पर, हम उस ऐतिहासिक घटना को याद करते हैं जिसने न केवल भारत की राजनीति, बल्कि पूरी दुनिया के धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण को प्रभावित किया। हिज होलिनेस दलाई लामा, तिब्बत के आध्यात्मिक और धार्मिक नेता, 1959 में भारत आए थे, जब उन्हें तिब्बत में चीन द्वारा बढ़ती दमनकारी नीतियों के कारण अपनी मातृभूमि छोड़नी पड़ी थी। उनके भारत आगमन ने न केवल तिब्बतियों के संघर्ष के प्रति वैश्विक समुदाय को जागरूक किया, बल्कि इसने उन्हें एक स्थायी आश्रय और मार्गदर्शन भी प्रदान किया।
शरण से संदेश तक: भारत में महामहिम दलाई लामा के ६६ वर्ष
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