मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते हुए इस निर्णय को “बिहू उपहार” बताया। उन्होंने कहा, “यह हमारे सभी सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की कड़ी मेहनत और राज्य के विकास में उनके योगदान के प्रति हमारी सराहना का प्रतीक है।”
यह वृद्धि करीब 7.38 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ पहुंचाएगी। संशोधित भत्ता पिछले माह के वेतन के साथ दिया जाएगा, और दो प्रतिशत की वृद्धि से उत्पन्न एरियर को अप्रैल और मई की वेतन किश्तों में जारी किया जाएगा।
यह निर्णय उस समय आया है जब हाल ही में केंद्र सरकार ने भी अपने कर्मचारियों के लिए 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाई है। लेकिन असम अब DA दर के मामले में पूरे देश में अग्रणी बन गया है।
महंगाई भत्ता एक मुद्रास्फीति से जुड़ा जीवन-यापन समायोजन भत्ता होता है, जो कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई के प्रभाव से सुरक्षा देने के लिए समय-समय पर संशोधित किया जाता है। इस हालिया वृद्धि से राज्य सरकार ने एक बार फिर कर्मचारी कल्याण और आर्थिक स्थायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई है।
यह निर्णय विशेष रूप से तब मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है जब राज्य रंगाली बिहू, असम का सबसे बड़ा सांस्कृतिक पर्व, मनाने की तैयारी कर रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम राजनीतिक रूप से भी रणनीतिक है, जो सरकारी कर्मचारियों के बीच सकारात्मक संदेश देने की दिशा में उठाया गया है।
पिछले कुछ वर्षों में असम सरकार ने कर्मचारियों के लिए कई कल्याणकारी पहलें की हैं, जिनमें समय पर वेतन वितरण, पेंशन सुधार और कर्मचारी सेवाओं का डिजिटलीकरण शामिल हैं।
हालांकि इस निर्णय से राज्य के खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री सरमा ने विश्वास जताया कि यह कदम राज्य की वर्तमान आर्थिक स्थिति के अनुरूप है और वित्तीय रूप से स्थायी रहेगा।
इस निर्णय के साथ असम न केवल कर्मचारी कल्याण में अग्रणी बना है, बल्कि अन्य राज्यों के लिए एक नया मानक भी स्थापित किया है।