नई दिल्ली 26 अप्रैल 2025 : आतंक की छाया को चीरते हुए श्रद्धा की राह फिर से प्रशस्त हो गई है। भारत के विदेश मंत्रालय ने इस वर्ष की कैलाश मानसरोवर यात्रा का औपचारिक ऐलान कर दिया है, जो जून से अगस्त के बीच संपन्न होगी। इस घोषणा ने आस्था में डूबे हजारों श्रद्धालुओं के हृदय में नई उमंग भर दी है।
सरकार ने इस पवित्र यात्रा के लिए दो प्राचीन मार्ग खोले हैं। उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से 50-50 यात्रियों के पांच जत्थे, तथा सिक्किम के नाथुला दर्रे से 50-50 यात्रियों के दस जत्थे अपने कठिन लेकिन पुण्यदायी सफर पर रवाना होंगे। यात्रा हेतु आवेदन करने के लिए सरकार ने kmy.gov.in पोर्टल चालू कर दिया है।
विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि यात्रियों का चयन पूर्णतः निष्पक्ष प्रक्रिया के अंतर्गत होगा। प्रत्येक श्रद्धालु को उचित मार्ग और जत्थे के अनुसार स्थान आवंटित किया जाएगा, जिससे यात्रा सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से पूरी हो सके।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी आश्वासन दिया था कि पहलगाम हमले के बावजूद अमरनाथ यात्रा बिना बाधा के जुलाई में आरंभ होगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा, जो केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि आत्मा की तपस्या का मार्ग है, एक बार फिर श्रद्धालुओं को हिमालय की गोद में प्रभु दर्शन कराने को तैयार है। भारत सरकार के इस साहसिक निर्णय ने विश्वास और सुरक्षा के नए प्रतिमान स्थापित कर दिए हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रा का शुभारंभ: लिपुलेख और नाथुला से खुले श्रद्धा के द्वार
Previous Articleशाह बानो की गूँज फिर लौटेगी बड़े पर्दे पर, न्याय और समानता की नई परिभाषा रचने की तैयारी
Next Article 27 अप्रैल दैनिक राशिफल एवं आज का पंचांग
Related Posts
Add A Comment
© 2026 Samagra Bharat News website. All Rights Reserved.
