इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मेजर जनरल जरकेन गामलिन, सूचना आयुक्त, अरुणाचल प्रदेश थे। कार्यक्रम का मुख्य भाषण माननीय प्रदीप जोशी, अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने दिया।
विशिष्ट वक्ताओं में शामिल थे:
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श्री ताई तगक, समाजसेवी एवं पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार, अरुणाचल प्रदेश
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श्री टाबा टेडिर, पूर्व शिक्षा मंत्री, अरुणाचल प्रदेश
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डॉ. मुथु जोरम, संयुक्त निदेशक, शिक्षा विभाग
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डॉ. अजय कुमार मिश्रा, राज्य समन्वय अधिकारी (NSS) सह शैक्षणिक प्रभारी, शिक्षा विभाग, अरुणाचल प्रदेश
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कर्नल राजीव कुमार श्रीवास्तव, राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मामलों के विशेषज्ञ
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डॉ. भूपेन्द्र कुमार सिंह, प्रोफेसर, नेरिस्ट विश्वविद्यालय, अरुणाचल प्रदेश
वक्ताओं ने उत्तर-पूर्व में सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका और भारत के राष्ट्रीय विकास में इस क्षेत्र के योगदान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश डाला।
मेजर जनरल गामलिन ने अपने सैन्य अनुभवों को साझा करते हुए सामाजिक एकता और पड़ोसी देशों से उत्पन्न खतरों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर बल दिया। कर्नल श्रीवास्तव ने विशेष रूप से बांग्लादेश और बंगाल से संबंधित सामरिक परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण विश्लेषण प्रस्तुत किया।
अपने समापन संबोधन में माननीय प्रदीप जोशी ने राष्ट्रीय कर्तव्यों, युवा शिक्षा और समाज संगठन की महत्ता पर बल देते हुए सुरक्षा मुद्दों पर सामूहिक जागरूकता और क्रियाशीलता की अपील की।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. विभूति झा, कुलपति, ग्लोबल यूनिवर्सिटी द्वारा स्वागत भाषण के साथ हुई, जबकि धन्यवाद ज्ञापन सूबेदार मेजर दोरजी त्शेरिंग द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. जय प्रकाश शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव, ABPSSP एवं प्रो-चांसलर, ग्लोबल यूनिवर्सिटी ने किया।
इस संवाद में अरुणाचल प्रदेश भर से पूर्व सैनिकों, शिक्षकों, नागरिक समाज के नेताओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जो उत्तर-पूर्व क्षेत्र को सुरक्षित और एकजुट बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।