- मोहित पटवा ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की, मरने से पहले दो वीडियो बनाए।
- लव‑जिहाद, धर्मांतरण और ब्लैकमेल — तीन नामों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया।
- मृतक का मोबाइल घटनास्थल से बरामद कर पुलिस ने कब्जे में लिया|
- वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए; पुलिस घटनाक्रम की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश, 30 सितम्बर:
सागर जिले के मालथौन में एक युवक ने गले में फंदा डालकर फांसी लगा ली, युवक ने मरने से के मालथौन क्षेत्र में एक दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय निवासी मोहित पटवा ने अपने ही घर में गले में फंदा डालकर आत्महत्या कर ली। घटना से पहले मोहित ने दो वीडियो बनाए, जिनमें उसने अपने साथ हुई प्रताड़ना और गंभीर आरोपों का खुलासा किया। इन वीडियो में मोहित ने सना सोनिया खान, रश्मि पटवा और अनीस खान पर लव‑जिहाद, धर्मांतरण और ब्लैकमेल जैसे गंभीर आरोप लगाए।
मोहित ने वीडियो में स्पष्ट रूप से कहा कि इन लोगों की वजह से वह अत्यधिक मानसिक दबाव में था और जीने का मन नहीं करता था। उसने यह भी बताया कि उसने जब लव‑जिहाद और धर्मांतरण के इस ‘राज’ के बारे में आवाज उठाई, तो तीनों आरोपियों ने उसे धमकाना शुरू कर दिया और कहा कि वह कुछ नहीं कर पाएगा। मोहित के अनुसार, आरोपियों ने उसे लगातार ब्लैकमेल किया और उसके मानसिक तनाव को बढ़ाया।
पुलिस के अनुसार, मोहित के घर से उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया है। मोबाइल में मौजूद वीडियो में युवक ने अपने अंतिम शब्द रिकॉर्ड किए हैं और उन्होंने सीधे तौर पर तीनों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया। घटनास्थल पर कोई लिखित सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे पुलिस के लिए यह मामला और संवेदनशील बन गया है।
सोशल मीडिया पर मोहित द्वारा बनाए गए वीडियो तेजी से वायरल हो गए। वीडियो में मोहित ने बताया कि सना सोनिया खान हिन्दू युवकों को फंसाती है, जबकि रश्मि पटवा और अनीस खान उसके साथ मिलकर उसे ब्लैकमेल करते थे। मोहित ने यह भी कहा कि उसे उनकी धमकियों और परेशानियों के कारण जीने की इच्छा नहीं रही।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस फिलहाल वीडियो की जांच कर रही है और आरोपियों की पहचान और उनके कृत्यों की सत्यता की पुष्टि करने में जुटी हुई है। वहीं, जिले के लोग इस आत्महत्या और लव‑जिहाद के आरोपों से स्तब्ध हैं।
मोहित की मौत ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक दबाव में फंसे युवाओं की सुरक्षा और उनका मनोबल कैसे बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, लव‑जिहाद और धर्मांतरण जैसी संवेदनशील मुद्दों पर समाज और प्रशासन की सक्रिय भूमिका पर भी बहस शुरू हो गई है।
