- बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने वैशाली के पातेपुर में जनसभा को संबोधित किया।
- नड्डा बोले– “RJD का मतलब है रंगदारी, जंगलराज और दादागिरी।”
- कहा– “जो नौकरी के बदले जमीन लेते हैं, वो सुरक्षा और रोजगार नहीं दे सकते।”
- NDA को विकास का प्रतीक बताया, जबकि महागठबंधन को विनाश का।
समग्र समाचार सेवा
वैशाली, 23 अक्टूबर:
बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों ने अपने प्रचार अभियान को तेज़ कर दिया है। गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने वैशाली जिले के पातेपुर में आयोजित एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि “RJD का मतलब है, रंगदारी, जंगलराज और दादागिरी।”
नड्डा ने कहा, “जो लोग नौकरी के बदले जमीन ले लेते हैं, वे जनता को न तो नौकरी दे सकते हैं, न सुरक्षा। जो अपनी मां-बहनों की इज्जत की रक्षा नहीं कर सकते, वे राज्य की बेटियों की सुरक्षा कैसे करेंगे?” उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे लोगों के झांसे में न आएं, जिन्होंने बिहार को अंधकार के युग में धकेला था।
जेपी नड्डा ने अपने भाषण में बिहार से अपने पुराने जुड़ाव का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “मेरा जन्म पटना में हुआ है। मैंने अपने जीवन के शुरुआती 20 साल बिहार में बिताए हैं। मुझे वह दौर भी याद है जब यहां जंगलराज का माहौल था, और आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि बिहार अब विकास की राह पर है।”
बीजेपी अध्यक्ष ने NDA सरकार की उपलब्धियों का बखान करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बिहार ने शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा, “NDA का मतलब है विकास, विकास, विकास और विकास। जबकि महागठबंधन का मतलब है विनाश, विनाश, विनाश और विनाश।”
जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी और एनडीए सरकार ने गरीबों, किसानों और युवाओं के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू कीं, जिनसे राज्य की तस्वीर बदल रही है। वहीं, उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “महागठबंधन की राजनीति केवल सत्ता पाने और परिवार को बचाने तक सीमित है, जबकि NDA का लक्ष्य बिहार को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है।”
