- राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सुनील कुमार सिंह पर बिहार चुनाव के नतीजों को लेकर विवादित बयान देने के मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
- बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने एमएलसी के बयान को भड़काऊ मानते हुए तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया।
- सुनील सिंह ने चेतावनी दी थी कि अगर मतगणना में हेराफेरी हुई तो बिहार में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों की सड़कों पर दिखने वाले दृश्य सामने आ सकते हैं।
समग्र समाचार सेवा
पटना, 13 नवंबर: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर दिए गए एक अत्यंत विवादित बयान के चलते राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सुनील कुमार सिंह कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने एमएलसी सुनील सिंह पर एफआईआर दर्ज करने का सख्त आदेश दिया है। सुनील सिंह ने सार्वजनिक रूप से चेतावनी दी थी कि अगर चुनाव मतगणना के दौरान किसी भी प्रकार की हेराफेरी की गई, तो बिहार की सड़कों पर भी वही हिंसक दृश्य दिखाई देंगे जो हाल के दिनों में नेपाल, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों में देखे गए थे। राजद नेता के इस बयान से न केवल सियासी गलियारों में पारा गर्मा गया है, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियों की भी चिंता बढ़ गई है।
क्या था विवादित बयान?
राजद एमएलसी सुनील सिंह ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपनी पार्टी के आरोपों को दोहराया। उन्होंने दावा किया कि 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में हिलसा, परिहार, भोरे सहित लगभग 10 सीटों पर महागठबंधन के उम्मीदवारों को जानबूझकर जबरन हराया गया था। मौजूदा चुनाव (2025) के संदर्भ में, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने दबाव बनाकर, मतदान जारी रहने के बावजूद, एनडीए के पूर्ण बहुमत से जीतने की घोषणा करा दी, जिससे लाइन में लगे मतदाताओं को भ्रमित किया गया।
उन्होंने चुनाव अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “जिस कैंडिडेट को जिताने के लिए जनता ने वोट दिया है, उसे हराने की कोशिश की गई तो या हमारा प्रत्याशी बाहर आएगा या फिर चुनाव अधिकारी बाहर आएंगे। इसके बाद नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका जैसे देशों की सड़कों पर जो दृश्य देखने को मिले, वो देखने को मिलेंगे। आम जनता सड़क पर उतर जाएगी।” उन्होंने अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि 2020 वाली गलती इस बार न करें, बिहार को नेपाल मत बनने दीजिए।
कानूनी कार्रवाई और शिकायत दर्ज
सुनील सिंह के इस भड़काऊ और धमकी भरे लहजे वाले बयान पर तत्काल संज्ञान लिया गया। पटना के साइबर थाने में उनके खिलाफ एक शिकायत दर्ज की गई। साइबर थाने की एएसआई खुशबू कुमारी ने इस संबंध में थानाधिकारी को आवेदन दिया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि राजद एमएलसी सुनील सिंह द्वारा बिहार चुनाव की मतगणना को लेकर भड़काऊ टिप्पणी की जा रही है, जिससे लोगों के बीच वैमनस्य की भावना पैदा होने की आशंका है।
डीजीपी विनय कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए, बयान को सार्वजनिक शांति भंग करने और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश मानते हुए, त्वरित एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस अब कानूनी प्रावधानों के तहत मामले की जांच करेगी कि क्या यह बयान वास्तव में विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने या कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के उद्देश्य से दिया गया था।
सियासी पलटवार और भविष्य की चुनौतियाँ
इस बयान को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जेडीयू (JDU) समेत एनडीए के अन्य दलों ने राजद एमएलसी के बयान पर कड़ा पलटवार किया है। सत्तारूढ़ गठबंधन ने लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह बयान राजद की हताशा और लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। बिहार में चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं, लेकिन इस तरह के बयानों से मतगणना के दिन तनाव बढ़ने की आशंका है। पुलिस प्रशासन अब बयान के मद्देनजर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
