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दिल्ली ब्लास्ट केस में अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
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धमाके में 15 लोगों की मौत, 20 से ज़्यादा घायल
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ओवैसी ने कहा, “मुल्क का दुश्मन हमारा भी दुश्मन”
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शिक्षा संस्थानों का दुरुपयोग करने वालों पर सख्त टिप्पणी
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 24 नवंबर: दिल्ली में हुए घातक ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों ने अब तक कुल दस आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में डॉ. आदिल राथर, डॉ. मुजम्मिल गनई, यूपी की डॉ. शाहीन शाहिद और उनके भाई, मौलवी इरफान, आमिर अली, जसीर बिलाल, डॉ. उमर फारूक और उनकी पत्नी शहजादा अख्तर, और इलेक्ट्रीशियन तुफैल अहमद शामिल हैं। इस धमाके में 15 लोगों की जान चली गई थी, जबकि 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। जांच में इस हमले के पीछे बड़े आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ है।
इस कायराना घटना पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब वतन की मोहब्बत की बात होती है, तो यह भी ज़रूरी है कि शिक्षा संस्थानों का दुरुपयोग करने वालों की सख्त आलोचना की जाए। उन्होंने कहा कि “मुसलमानों ने जो शिक्षा संस्थान कायम किए, अगर कोई उनमें बैठकर बम बनाने की साजिश करता है, तो हम उसकी भी खिलाफत करते हैं।”
ओवैसी ने आरोपियों पर निशाना साधते हुए कहा, “जो जालिम लोग हैं, वो मदरसे या स्कूल का एक कमरा नहीं बना सकते, लेकिन अमोनियम नाइट्रेट लेकर बैठे हैं। दिल्ली ब्लास्ट में मारे गए 15 लोगों में हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल थे। ऐसी जहनियत रखने वालों की जमकर आलोचना होनी चाहिए। जो मुल्क का दुश्मन है, वो हमारा भी दुश्मन है।”
उन्होंने आगे कहा कि यदि ऐसी हरकतें जारी रहीं, तो उनका खुलकर विरोध किया जाएगा। ओवैसी ने दोहराया कि “मुसलमान को दोयम दर्जे का नागरिक बनाने का सपना देखने वाले भूल जाएं, न हम खत्म होंगे, न हमारी नस्लें खत्म होंगी। हिंदुस्तान में मुसलमान हमेशा एक बाइज्जत हिंदुस्तानी बनकर रहेगा।”
ओवैसी ने कहा कि मुसलमान संविधान और जम्हूरियत के दायरे में रहकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। “हम अपनी मस्जिदों को बचाएंगे। तुम एक मस्जिद को शहीद करोगे, तो हम लाखों मस्जिदों को आबाद करेंगे। शरीयत पर हमला करोगे तो उसका जवाब भी जम्हूरियत से मिलेगा।”
उन्होंने देश की आज़ादी के लिए दी गई कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि आज वतन को और मज़बूत बनाने की ज़रूरत है।
ओवैसी ने कहा कि “आज जो नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं, वो वक्त के गुमराह हो सकते हैं, मगर वक्त उनके साथ नहीं है, वक्त हमारे साथ रहेगा।”
