EB-5 वीज़ा की जगह लेगा ‘गोल्ड कार्ड’ वीज़ा
यह नई योजना EB-5 वीज़ा की जगह लेगी, जो निवेशकों के लिए अमेरिका में स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण मार्ग था। ट्रंप ने इस नई नीति को अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने वाला कदम बताया।
ट्रंप ने कहा,
“वे (नए वीज़ा धारक) धनी और सफल होंगे, और अमेरिका में बहुत अधिक पैसा खर्च करेंगे, भारी कर अदा करेंगे और कई लोगों को रोज़गार देंगे। हमें लगता है कि यह योजना अत्यधिक सफल होगी।”
भारतीय निवेशकों और पेशेवरों पर असर
गोल्ड कार्ड वीज़ा का भारतीय आवेदकों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, खासकर उन लोगों पर, जो अमेरिकी स्थायी निवास के लिए EB-5 वीज़ा पर निर्भर थे। भारत के कई उच्च-नेटवर्थ वाले व्यक्तियों ने EB-5 वीज़ा मार्ग का उपयोग किया, लेकिन $5 मिलियन का निवेश अधिकांश संभावित आवेदकों के लिए इसे कठिन बना सकता है।
इसके अलावा, यह बदलाव कुशल भारतीय पेशेवरों के लिए भी नुकसानदेह हो सकता है, जो ग्रीन कार्ड की लंबी प्रतीक्षा सूची में पहले से ही फंसे हुए हैं। रोजगार-आधारित ग्रीन कार्ड श्रेणियों में भारतीय आवेदकों को दशकों तक इंतजार करना पड़ता है, और EB-5 का विकल्प समाप्त होने से उनके लिए अवसर और सीमित हो सकते हैं।
नई नीति कब लागू होगी?
अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने पुष्टि की कि नया गोल्ड कार्ड वीज़ा कार्यक्रम अगले दो हफ्तों में लागू किया जाएगा। EB-5 वीज़ा को लेकर धोखाधड़ी और अक्षमता के आरोपों के चलते इसे समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।
निष्कर्ष
ट्रंप प्रशासन की इस नई नीति से अमेरिका में निवेश करने वाले उच्च-नेटवर्थ व्यक्तियों को लाभ मिल सकता है, लेकिन भारतीय निवेशकों और पेशेवरों के लिए यह एक चुनौती साबित हो सकती है। अब यह देखना होगा कि यह योजना कितनी सफल होती है और भारतीय आवेदकों के लिए नए अवसर खोलती है या नहीं।