Author: अलोक लाहड़
वरिष्ठ पत्रकार और समाचार विश्लेषक I शोध विद्वान और हिस्पेनिस्ट I बार्सीलोना, स्पेन से भारतीय, यूरोपीय मामलों और भू राजनीति पर लेखन कार्य करते हैं
पत्थर और शीशा जो कभी मेरे छूने से पिघल जाया करती थी आज मुझ से बात करने से भी कतराती है। अब कोई क्या करे, कब…
‘ये आँखें’ हृदय का दर्पण हैं ये आँखें पलकों के पर्दे से ढकी समुद्र की गहराई लिए ये आँखें खुशी से छलक जाती हैं ये आँखें…
जीवन का उद्देश्य जो चाहा, वह हुआ नहीं। जो मिला उस से गिला नहीं। जीवन में बस ऐसे ही चीजें होती रही। जो होना होता है…
वाशिंगटन, डी.सी,7 जून , – टेक दिग्गज एलन मस्क और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच कभी असंभव मानी जाने वाली दोस्ती अब एक सार्वजनिक टकराव…
जब कान्स की रातें रेशमी अंधकार की चादर ओढ़े, तारों की चुप्पी में कहानियाँ आहिस्ता से फुसफुसाती हैं, तब कुछ कथाएँ होती हैं जो सिर्फ़ आँखों …