Saturday, September 19

अध्यात्म

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देशवासियों को ‘श्रीकृष्ण जन्माष्टमी’ के पावन पर्व पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। गृह मंत्री ने नई…

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करवा चौथ व्रत का हिन्दू संस्कृति में विशेष महत्त्व है। इस दिन पति की लम्बी उम्र के पत्नियां पूर्ण श्रद्धा से निर्जला व्रत रखती है।

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ का व्रत रखा जा रहा है। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और चंद्रदेव की पूजा करती हैं। इस साल करवा चौथ पर शुक्र अस्त होने का प्रभाव है।

हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है और इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं. कहते हैं कि विधि-विधान से यह व्रत करने से दांपत्य जीवन में भी खुशहाली आती है. इस साल यह व्रत कल यानि 13 अक्टूबर को रखा जाएगा. करवा चौथ के दिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत करने के बाद रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. इसलिए इस व्रत में चंद्रमा का भी खास महत्व होता है. आइए जानते हैं करवा चौथ का महत्व और इतिहास.

एक दिन (संध्या के समय) सरयू के तट पर…..तीनों भाइयों संग टहलते श्री राम से भरत भैया ने कहा , “एक बात पूछूँ” ? भईया !!
माता कैकई ने आपको वनवास दिलाने के लिए मँथरा के साथ मिल कर जो ‘षड्यंत्र’ किया था , क्या वह राजद्रोह नहीं था ?
उनके ‘षड्यंत्र’ के कारण….एक ओर राज्य के भावी महाराज और महारानी को (14) चौदह वर्ष का वनवास झेलना पड़ा….तो दूसरी ओर पिता महाराज की दु:खद मृत्यु हुई । ऐसे ‘षड्यंत्र’ के लिए (सामान्य नियमों के अनुसार) तो मृत्युदण्ड दिया जाता है , फिर आपने माता कैकई को दण्ड क्यों नहीं दिया ?

हिंदू धर्म में कोई भी शुभ व मांगलिक कार्य पंचांग में मुहूर्त देखने के बाद ही किया जाता है. खास तौर पर शादी-विवाह, मुंडन व गृह प्रवेश आदि ये सभी कार्य करने के लिए लोग कार्तिक माह का इंतजार करते हैं. जो कि चातुर्मास का अंतिम म​हीना होता और इसे भगवान विष्णु का प्रिय महीना भी कहा जाता है. कहते हैं कार्तिक माह में पवित्र नदियों में स्नान करना और दान-पुण्य करना बेहद ही फलदायी होता है.

हिंदू धर्म में हर साल कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है और सुहागिन महिलाओं के लिए यह व्रत बेहद ही खास है. इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए निर्जला व्रत करती हैं. इस व्रत में चंद्रमा का विशेष महत्व है क्योंकि व्रत का पारण च्रंदोदय के बाद ही किया जाता है.

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