Friday, September 18

वास्तु

इस साल भाई दूज का पर्व बेहद शुभ संयोग में मनाया जाएगा क्यूंकि इस दिन गोवर्धन पूजा और अन्नकूट भी है। पौराणिक कथाओं के अनुसार अपनी बहन यमुना के ​निवेदन पर यमराज कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनके घर गए थे।

आज यानि 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लग रहा है. इसलिए दिवाली के अगले दिन यानि आज होने वाली गोवर्धन पूजा की डेट में बदलाव हो गया है. क्योंकि ग्रहणकाल में पूजा-पाठ से जुड़ा कोई कार्य नहीं किया जाता. दिवाली के बाद गोवर्धन पूजा और​ फिर भाई दूज का त्योहार आता है.

दिवाली के अगले दिन यानि आज 25 अक्टूबर को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है. इस ग्रहण की वजह से ही 27 साल बाद ऐसा हुआ है जब गोवर्धन पूजा की डेट में बदलाव किया गया है.

यहाँ षष्ठी-तत्पुरुष समास है, जिसका अर्थ है दीपों का समूह। इस दिन पूरा देश दीपों की जगमगाहट से चमकता रहता है । यह पर्व पाँच दिनों तक मनाया जाता है । जो कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से शुरु होकर कार्तिक शुक्ल द्वितीया तक चलता है ।

देवी महालक्ष्मी भगवान नारायण की शक्ति व संसार की समस्त सम्पत्तियों की स्वामिनी हैं। महालक्ष्मी के दो रूप हैं- श्रीरूप और लक्ष्मीरूप। दोनों ही रूपों में ये भगवान विष्णु की पत्नियां हैं। एक रूप में ये भगवान नारायण के वक्ष:स्थल में सदैव निवास करने वाली सच्चिदानन्दमयी लक्ष्मी हैं और दूसरे रूप में भौतिक सम्पत्ति की देवी लक्ष्मी।

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