Saturday, September 19

सिनेमा

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को राहत देते हुए दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम…

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“धाबरी कुरुवी” एक ऐसी आदिवासी लड़की की प्रचंड यात्रा को दिखाती है, जो रूढ़िवाद से लड़ती हैं और खुद को उन जंजीरों से मुक्त करना चाहती हैं, जिनसे समाज व समुदाय ने उसके जैसे दूसरों को जकड़ रखा है। यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में पहली फिल्म है, जिसमें केवल जनजातीय समुदाय से संबंधित कलाकारों ने अभिनय किया है।

इफ्फी-53 में सत्यजीत रे पर विशेष खंड के हिस्से के रूप में जयदीप मुखर्जी की 34 मिनट की गैर-फीचर फिल्म “अदर रे: द आर्ट ऑफ सत्यजीत रे” को 24 नवंबर 2022 को भारतीय पैनोरमा खंड में प्रदर्शित किया गया।

53वें इफ्फी में मणिपुर सरकार का राज्य पवेलियन ‘मणिपुर अनएक्सप्लोर्ड’ फिल्मकारों, अभिनेताओं, निर्देशकों और निर्माताओं को राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए आकर्षित कर रहा है। कई फिल्म निर्माता उन सुविधाओं के बारे में जानकारी के लिए राज्य के पवेलियन में जा रहे हैं जो यह सुंदर राज्य उन्हें प्रदान करेगा।

भारत के 53वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के भारतीय पैनोरमा खंड में दिखाई जा रही फिल्म अरियप्पु के निर्देशक महेश नारायणन ने कहा कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म और पारंपरिक सिनेमा थिएटर सह-अस्तित्व में बने रहने वाले हैं।

‘थ्री ऑफ अस’ महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में प्रचलित एक रिलेशनशिप ड्रामा है। इस फिल्म का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है, और इसमें शेफाली शाह, जयदीप अहलावत और अभिनेता-गीतकार स्वानंद किरकिरे मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म के निर्देशक अविनाश अरुण ने कहा, “मैंने अपने बचपन के 3-4 साल कोंकण में बिताए और वहां प्रकृति के साथ मेरी पहली बातचीत हुई।

53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के दौरान ‘सांस्कृतिक विविधता की प्रस्तुति और नए बाजारों की पहचान’ विषय पर टी त्यागराजन के साथ अपने वार्तालाप में ऋषभ शेट्टी ने कहा “भारत एक कृषि आधारित देश है; हमारे संस्कार, मान्यताएं, जीवन पद्धति कृषि पर आधारित है।

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