Saturday, September 19

सिनेमा

सुप्रीम कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को राहत देते हुए दो सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री में कम…

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पुरुष मात्र संख्या भर नहीं हैं, बल्कि सम्मानित सजीव व्यक्ति हैं। धन बटोरने के चक्कर में लोगों का एक वर्ग इस तथ्य को भूल जाता है और अपहरण एवं मानव तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त हो जाता है। गोवा में 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में अंतर्राष्ट्रीय पैनोरमा के तहत दिखाई जा रही मैक्सिकन फिल्म ‘सोल्स जर्नी’ मेक्सिको में मानव तस्करी की इस बेहद संवेदनशील कहानी को प्रस्तुत करती है।

मानव तस्करी की शिकार यौनकर्मियों के बचाव और पुनर्वास पर आधारित सौरभ कांति दत्ता की वृत्‍तचित्र फिल्‍म फातिमा को भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के 53वें संस्करण में प्रदर्शित किया गया। यह वृत्‍तचित्र फिल्म इसी नाम की एक महिला फातिमा खातून के उतार-चढ़ाव भरे जीवन की दास्‍तान बयां करती है।

“हम जिस चीज के लिए संघर्ष करते हैं वह भारत के वास्तविक लोगों के लिए है। वे शायद नहीं जानते हैं कि देश का राष्ट्रपति कौन है या कोलकाता या मुंबई कहां है, लेकिन ये भारत के असली लोग हैं।” लेखिका-सामाजिक कार्यकर्ता महाश्वेता देवी के जीवन पर आधारित बायोपिक फिल्म ‘महानंदा’ इन शब्दों के पीछे की भावना को जीवंत करती है,

‘हम दिल दे चुके सनम’, ‘भूल भुलैया’ जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में नजर आए बॉलीवुड के दिग्गज एक्टर विक्रम गोखले का शनिवार को पुणे में निधन हो गया. उनकी उम्र 75 वर्ष थी और बीते कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती थे. विक्रम गोखले के निधन पर बॉलीवुड जगत में मातम फैल गया है.

मराठी भाषा में बच्चों को सोने के समय सुनाई जाने वाली कहानियां अक्सर ‘एकदा काय झाला’ वाक्यांश से शुरू होती हैं। इस वाक्यांश का अर्थ ‘एक समय की बात है’ होता है।

प्रसिद्ध कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका के विकास और भारतीय फिल्म उद्योग में कास्टिंग की प्रक्रिया के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि कास्टिंग एक बहुत पुरानी प्रक्रिया है, हालांकि, एक अलग विभाग के रूप में कास्टिंग डायरेक्शन नई बात है।

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