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समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 5सितंबर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज अपनी कोटा यात्रा के दौरान शहर के विभिन्न संस्थानों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर…
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज शिक्षक दिवस पर कोटा में आयोजित, शिक्षकों तथा केंद्र और राज्य सरकार के सेवा निवृत्त कर्मचारियों के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए अपने जीवन की उपलब्धियों को सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के शिक्षकों को समर्पित करते हुए कहा कि यद्यपि मेरा जैविक जन्म मेरे गांव किठाणा में हुआ हो लेकिन मेरा असली जन्म सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में हुआ।
भारत के उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ ने जयपुर में “विश्वविद्यालय महारानी महाविद्यालय” की छात्राओं के साथ “राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी” विषय पर संवाद कार्यक्रम में भाग लिया।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ 4 और 5 सितंबर, 2023 को राजस्थान का दो दिवसीय दौरा करेंगे। इस यात्रा में वे जयपुर, कोटा और टोंक जाएंगे।
समग्र समाचार सेवा मुंबई, 2सितंबर। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज इस बात पर जोर दिया कि भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रभुत्व के लिए देश…
उत्तर मेसिडोनिया के विदेश मंत्री बुजर उस्मानी ने आज नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड से भेंट की। बैठक में भारत और उत्तर मेसिडोनिया के बीच संबंधो पर विस्तार से चर्चा की।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ 01 सितंबर, 2023 को मुंबई का दौरा करेंगे। वे मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) में बनाए जा रहे युद्धपोत ‘महेंद्रगिरि’ के जलावतरण समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
मैं ओणम के शुभ अवसर पर देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जीवन के हर क्षेत्र में राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया। स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रवाद की बात करते हुए उन्होंने आयुर्वेद जैसी प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने की अपील की।
भारत के उपराष्ट्रपति, जगदीप धनखड़ एवं डॉ. सुदेश धनखड़ आज अपनी एक दिवसीय राजस्थान यात्रा पर झुंझुनूं पहुंचे। अपने गृह जनपद पहुंचकर उपराष्ट्रपति जी ने प्रसिद्ध सूर्य मंदिर लोहार्गल और रानी शक्ति मंदिर में पूजा अर्चना की एवं राष्ट्र की संपन्नता और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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