परछाईBy अलोक लाहड़January 10, 2026 यह मैं नहीं, मेरी परछाईं है, जो यहाँ हज़ारों मील दूर चली आई है। मेरा दिल तो भारत में रहता है, जहाँ रहते मेरे पिता, मेरी…