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पर्यटन मंत्रालय ने 28 मार्च और 29 मार्च को नई दिल्ली में “मिशन मोड में पर्यटन”को बढ़ावा देने के लिए विचार-विमर्श, चिंतन और रणनीति तैयार करने के लिए, दो-दिवसीय चिंतन शिविर का आयोजन किया, जिसमें सभी राज्यों, उद्योग संघों और उद्योग जगत के दिग्गजों ने भाग लिया।
किरोड़ीमल पब्लिक स्कूल द्वारा सीआरपीएफ कैंप में खेल गतिविधि स्पोर्ट्स फेस्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नौनिहालों और उनके अभिभावकों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
‘विश्व डाउन सिंड्रोम दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय (एनजीएमए) ने नई दिल्ली स्थित अपने परिसर में पेंटिंग और पॉटरी कार्यशाला का आयोजन किया।
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा उद्घाटित वैश्विक पोषक अनाज (श्री अन्न) सम्मेलन के अवसर पर मोटे अनाजों के प्रचार और जागरूकता पर तकनीकी सत्रों के साथ एक संगोष्ठी आयोजित कर रहा है।
परमाणु ऊर्जा विभाग ( डीएई ) के अणुशक्ति नगर , मुंबई 400094 स्थित सम्मेलन केंद्र में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ( बीएआरसी ) के अटल ऊष्मायन केंद्र ( इनक्यूबेशन सेंटर एआईसी ) द्वारा गत शुक्रवार 10 मार्च 2023 को एक स्टार्ट-अप उद्यमिता कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
चौथी वाई -20 परामर्श बैठक 11 मार्च 2023 को पुणे में सिम्बायोसिस इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (एसआईयू), लावले में युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से आयोजित की गई।
‘वर्ल्ड फूड इंडिया-2023’ के दूसरे संस्करण का आयोजन के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 03 से 05 नवंबर, 2023 तक किया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में एक मेगा वॉकथॉन कार्यक्रम “वॉक फॉर हेल्थ” का आयोजन किया।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के आगरा में 3 से 4 मार्च, 2023 तक दो दिवसीय मोटा अनाज महोत्सव का आयोजन किया।
केंद्रीय संचार ब्यूरो, गोवा ने पणजी में कदम्बा परिवहन निगम बस स्टैंड पर अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष पर एक मल्टीमीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया है।
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समग्र भारत.!!!एक नाम है विचार का ,समाचार का ,आन्दोलन का ,समग्रता का ,समग्रता में अनेकता का,वैश्विक भारत का और हमारी राष्ट्र भाषा –राज भाषा हिंदी को विश्व पटल पर स्थापित करने का.सबको पता है कि हिंदी की आजीवन वकालत हमारे भारत के उपराष्ट्रपति श्री भैरों सिंह शेखावत ने की थी.उनके ही परिकल्पना के अनुसार और उनके आशीर्वाद से हमारी टीम ने “समग्र भारत” का प्रकाशन वर्ष २००३ में शुरू किया गया था.जो आज भी कई प्रकार के संघर्षों के वावजूद अनवरत जारी है.
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