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’यह मेरा हुनर है जो जादू दिखाता हूं मैं, तेरे सपनों की ताबीज बनाता हूं मैं; मेरे हर खेल के शहमात पर तुम ही तुम हो, ऐसे ही…
’तेरी सोहबत में ही तो मुझे इश्क का चस्का लगा है इस कदर ख्यालों में रहा कि आज चांद मेरी देहरी पर टंगा है’ यह बात किंचित…
सियासत को तो यूं भी पंख फैला कर उड़ने की आदत होती है, ऐसे में जब बात हवाई अड्डों की हो तो सियासतदां भी आसमां से चुगली करने लग जाते हैं।
’एक खबर सा है तू, रोक नहीं पाता खुद को बिखरने से एक आइना सा है तू, रोक नहीं पाता किसी को संवरने से’ आने वाले…
’क्या यह मौसम बदलने की आहट है मेरे सिर पर धूप व हाथों में छतरी है’ पटना में इस 23 जून को जब विपक्षी एका का…
’वह कहीं दूर जो एक दीया अब भी जल रहा है तेरी नामुराद हवाएं हर तरफ पहुंची नहीं हैं अभी’ आखिरकार केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजुजु…
’नाहक गुमान था इस कागज़ की कश्ती को अपने आप पर इक-इक आंसू से भी समंदर में सैलाब आ जाता है’ जीतना जिनकी आदतों में शुमार…
’जिस्म की गली में गोया वह मकान खंडहर ही रहा अपनी रूह के रेशों से जिसका चेहरा बुना था हमने’ अपने अवतरण काल से ही सियासत…
’इस एक चेहरे में शामिल है कई-कई और चेहरे इसे तुम देखना तो नज़रे बदल-बदल कर देखना’ पिछले दिनों जब राहुल दुलारे इमरान प्रतापगढ़ी की अतीक…
’मुद्दतों साथ चले हो और आज पांव पत्थरों से बचा रहे हो भले तेरी नज़रें आसमां पर है पर तुम क्यों गर्त में जा रहे हो’…