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हिंदू धर्म में करवा चौथ का विशेष महत्व है और इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत करती हैं. कहते हैं कि विधि-विधान से यह व्रत करने से दांपत्य जीवन में भी खुशहाली आती है. इस साल यह व्रत कल यानि 13 अक्टूबर को रखा जाएगा. करवा चौथ के दिन महिलाएं दिन भर निर्जला व्रत करने के बाद रात के समय चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. इसलिए इस व्रत में चंद्रमा का भी खास महत्व होता है. आइए जानते हैं करवा चौथ का महत्व और इतिहास.
नवरात्रि में 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है और इसके बाद 10वें दिन दशहरा का त्योहार मनाया जाता है. दशहरा हिंदू धर्म का लोकप्रिय त्योहार है जो कि लोगों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देता है. इस दिन मेले का आयोजन होता है रावण दहन किया जाता है. कई जगहों पर दशहरा को विजय दशमी के नाम से भी जाना जाता है और इस बार यह त्योहार 5 अक्टूबर 2022, बुधवार के दिन मनाया जाएगा.
01अक्टूबर को आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानी शारदीय नवरात्रि का छठा दिन है। इस दिन मां दुर्गा के छठें स्वरूप देवी कात्यायनी की पूजा करने का विधान है। कहा जाता है कि मां कात्यायनी की पूजा करने से भक्तों को आसानी से अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
विश्वकर्मा के दिन कारखानों में मशीनों की पूजा की जाती है और भगवान विश्वकर्मा से प्रार्थना की जाती है कि व्यापार व नौकरी में तरक्की होती रहे. बता दें कि विश्वकर्मा पूजा हर साल कन्या संक्रांति के दिन की जाती है।
हिंदू धर्म में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है। इसे जितिया या जिउतिया व्रत के नाम से भी जानते हैं। इस व्रत को विवाहित महिलाएं अपने संतान की लंबी आयु की कामना और खुशहाली के लिए करती हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका व्रत रखा जाता है। यह त्योहार तीन दिन तक चलता है। पहले दिन नहाए खाय, दूसरे दिन निर्जला व्रत और तीसरे दिन व्रत पारण किया जाता है।
हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत काफी महत्वपूर्ण माना गया है और साल में कुल 24 एकादशी आती हैं. प्रत्येक एकादशी अपने आप में काफी विशेष है. भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है जो कि पंचांग के अनुसार आज यान 22 अगस्त को मनाई जा रही है.
भाद्रपद का महीना आज यानि 12 अगस्त से शुरू हो गया है और हिंदू कैलेंडर के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के दिन कजरी पर्व मनाया जाता है. यह व्रत सुहागिनों के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण है. इस दिन महिलाएं अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए व्रत करती हैं. आइए जानते हैं कजरी तीज की तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजन विधि.
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 10जून। आज यानि 10 जून को साल की सबसे बड़ी एकादशी यानि ‘निर्जला एकादशी’ है और इस दिन लोग दिनभर निर्जल…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 8अप्रैल। चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन 8 अप्रैल, शुक्रवार को है। नवरात्रि के सातवें दिन को दुर्गा सप्तमी के नाम से…
समग्र समाचार सेवा नई दिल्ली, 6अप्रैल। हिंदू धर्म में आदिशक्ति मां दुर्गा के भक्तों के लिए खास होता है। नवरात्रि के पावन दिनों में मां दुर्गा…